नारनौल / पूर्व सरपंचों को मिलेगी एक हजार तो जिला परिषद चेयरमैनों को दो हजार पेंशन..

 हरियाणा सरकार जिला परिषदों के माध्यम से पेंशन करेगी वितरित..
  एडीसी नारनौल ने बीडीपीओ को दिए आवश्यक दिशा-निर्देश..
नारनौल । पंचायतीराज संस्थाओं के पूर्व प्रतिनिधियों सरपंचों, पंचायत समिति व जिला परिषदों के चेयरमैन एवं वाइस चेयरमैंनों के लिए खुशखबरी है। जिले के पूर्व प्रतिनिधियों को जिला परिषद की ओर से उन्हें पेंशन वितरित की जाएगी। इस बाबत अतिरिक्त उपायुक्त डा. मुनीश नागपाल ने आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं तथा पेंशन की राशि 31 मार्च से पहले-पहले उनके खातों में डाल दी जाएगी। यह पेंशन अगस्त 2019 से जारी की जाएगी और इसके लिए पूर्व प्रतिनिधियों का पंजीकरण होना अनिवार्य है। इस समय जिले में एक जिला परिषद, आठ पंचायत समिति तथा 346 ग्राम पंचायतें हैं।
अतिरिक्त उपायुक्त डा. मुनीश नागपाल के निर्देशानुसार सभी संबंधित खंड विकास एवं पंचायत अधिकारियों को एक पत्र द्वारा निर्देश दिए हैं कि अगस्त 2019 से मंजूर हो चुकी भूतपूर्व सरपंचों, पंचायत समिति अध्यक्षों, उपाध्यक्षॊं व जिला परिषद प्रधानों व उपप्रधानों की पेंशन सीधे उनके खातों में भेजने की प्रक्रिया 31 मार्च से पहले-पहले पूरी कर दी जाए। इस बारे विकास एवं पंचायत विभाग प्रधान सचिव चंडीगढ़ ने अगस्त 2019 में एक पत्र के जरिए पेंशन योजना लागू कर ऑनलाइन पंजीकरण करने के निर्देश दिए थे। सरकार ने इस बारे संबंधित स्कीम के ऑब्जेक्ट हैड में राशि भी भेज दी थी। मगर अभी तक पंजीकरण प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई है, जिसके चलते लाभार्थियों को राशि जारी नहीं हुई थी। अब यह पंजीकरण प्रक्रिया ऑनलाइन के साथ साथ संबंधित खंड विकास एवं पंचायत कार्यालयों में भी की जाएगी।
बुढ़ापा पेंशन को छोड़कर त्यागनी होंगी अन्य पेंशन 
यह पेंशन 1994 में हरियाणा पंचायती राज एक्ट लागू होने से लेकर या उसके बाद के चुने गए पूर्व प्रतिनिधियों को ही मिलेगी। यह लाभ केवल उन्हीं लाभार्थियों को मिलेगा। जो बुढ़ापा पेंशन छोड़कर अन्य किसी भी प्रकार की पेंशन नही ले रहे हैं  यानि बुढ़ापा पेंशन लेने वाले पात्र को यह पेंशन भी मिलेगी |
एक अवधि में एक ही पद की मिलेगी पेंशन 
यदि उक्त प्रतिनिधि किसी एक या विभिन्न पदों पर एक या अधिक बार चुना गया है तो यह पेंशन केवल एक अवधि के एक पद के लिए ही मिलेगी। इसके लिए लाभार्थी का कम से कम अपना ढाई साल का कार्यकाल पूरा किया होना चाहिए। जिसने दो साल छह महीने तक का अपना कार्यकाल पूरा नहीं किया, वह इसका पात्र नहीं होगा
निर्धारित प्रोफार्मा पर देनी होगी दरखास्त 
पात्र व्यक्ति से निर्धारित प्रोफार्मा में पेंशन बनाने बारे एक दरख्वास्त भी देनी होगी, जो कि जिला परिषद के भूतपूर्व प्रधान व उपप्रधान द्वारा जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकार तथा इसके अतिरिक्त भूतपूर्व सरपंच पंचायत समितियों के अध्यक्ष व उपाध्यक्ष सम्बन्धित खंड विकास एवं पंचायत अधिकारियों के कार्यालय में जमा करवाएंगे।
 गोमला के पूर्व सरपंच राधेश्याम गोमला ने छेड़ी थी मुहिम 
राधेश्याम गोमला गांव गोमला के सरपंच रहे हैं। उन्होंने पूर्व विधायकों एवं सांसदों की भांति ही पूर्व सरपंचों एवं पंचायती राज संस्थाओं के पूर्व प्रतिनिधियों को पेंशन देने की मुहिम शुरू की थी। वर्ष 2013 में ग्राम बाघोत में जागरूकता मीटिंग के दौरान यह मुद्दा उठाने उपरांत उन्होंने जिला स्तर पर इस मुहिम को चलाया। बाद में भिवानी, रोहतक एवं जींद जैसे जिलों में भी बैठकें चली और प्रशासनिक अधिकारियों ही नहीं, मंत्रियों व मुख्यमंत्री को भी ज्ञापन भेजे। गत 6 जून 2018 को जब दौंगड़ा अहीर में केंद्रीय राव इंद्रजीत सिंह की रैली थी, तब यह मांग उठाने पर केंद्रीय मंत्री राव ने भी खुले मंच से इसका समर्थन किया और सीएम से इसे पूरा करने की बात भी कही। जिसे सरकार ने गंभीरता से लिया और अब सीएम मनोहर लाल ने इसे लागू कर दिया है।
मुख्यमंत्री द्वारा मंजूर की गई पेंशन का स्लैब 
जिला परिषद के पूर्व चेयरमैन : 2000 रुपये मासिक
जिप पूर्व वाइस चेयरमैन : 1000 रुपये मासिक
ब्लॉक समिति पूर्व चेयरमैन : 1500 रुपये
ब्लॉक समिति पूर्व वाइस चेयरमैन : 750 रुपये
पूर्व सरपंच ग्राम पंचायत : 1000 रुपये
वर्जन :- सात साल पहले शुरू की गई हमारी मुहिम रंग लाई है। इससे महेंद्रगढ़ जिला ही नहीं, पूरे प्रदेश के पूर्व प्रतिनिधियों को लाभ मिलेगा और संभव है कि इससे अन्य राज्य प्रेरित होकर अपने यहां भी लागू करेंगे। ऐसे में देश का एक बहुत बड़ा वर्ग इस योजना से लाभान्वित होगा। इसके लिए वह केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह एवं सीएम मनोहर लाल का आभार व्यक्त करते हैं।
 राधेश्याम, पूर्व सरपंच ग्राम गोमला।
वर्जन :- जिन सरपंचों व अन्य पूर्व प्रतिनिधियों ने फार्म भरकर पंजीकरण कराया हुआ है, उनके खातों में इसी माह 31 मार्च से पहले पेंशन डाल दी जाएगी। यह कार्य बीडीपीओ के जरिए कराया जा रहा है और जो पूर्व प्रतिनिधि फार्म भरना चाहते हैं, वह प्रोफार्मा लेकर पंजीकरण करा सकते हैं।
लक्ष्मीनारायण, मुख्य कार्यकारी अधिकारी, जिला परिषद, नारनौल।

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